24.3 C
Dehradun, IN
August 24, 2026
https://outlooksamachar.com/
उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड राजनीति में नया विवाद: 5 करोड़ से बड़ी योजनाओं पर सौरभ बहुगुणा की मंजूरी अनिवार्य

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एक नए आदेश ने सत्ताधारी भाजपा में हलचल मचा दी है। आदेश के मुताबिक, अब राज्य के सभी मंत्रियों को 5 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट और फाइलें पहले कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के समक्ष प्रस्तुत करनी होंगी।

पुराना नारा, नया मोड़

2012-14 के दौरान जब विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे, तब विपक्षी भाजपा (जिसके नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट थे) ने उनके कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। सदन के अंदर और बाहर नारे लगे थे — “जब से आए बहुगुणा, भ्रष्टाचार हुआ सौ गुणा”। केदारनाथ आपदा के समय प्रबंधन को लेकर भी आलोचना हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान “डीजल पीने वाले स्कूटर” का जिक्र कर उस दौर की याद दिलाई थी।

समय बदला। विजय बहुगुणा बाद में भाजपा में शामिल हो गए। उनके बेटे सौरभ बहुगुणा वर्तमान धामी कैबिनेट में पशुपालन, मत्स्य पालन, कौशल विकास, प्रोटोकॉल और गन्ना विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं। अब वही परिवार, जिस पर एक समय भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, अब विकास योजनाओं की निगरानी की भूमिका में है।

विपक्षी तंज, सत्ता का बचाव

विपक्ष इसे “परिवारवाद की तीसरी पीढ़ी” बता रहा है और आरोप लगा रहा है कि यह “भ्रष्टाचार वाशिंग मशीन” का नया रूप है। वहीं, सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि बड़े प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता और बेहतर समन्वय के लिए यह व्यवस्था की गई है।

मंत्रियों (मदन कौशिक, धन सिंह रावत, सतपाल रावत, रेखा आर्य, सुबोध उनियाल आदि) को अब सौरभ बहुगुणा के दफ्तर में फाइल लेकर खड़े होने की स्थिति बन गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनावी साल में यह फैसला कितना असरदार साबित होगा।

सौरभ बहुगुणा को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कुछ नेता व्यंग्य भी कर रहे हैं — “जो एक समय अजय भट्ट के पीछे तख्ती लेकर खड़े थे, आज फाइलें उनके सामने आ रही हैं।”

उत्तराखंड का “दशक” — विकास या परिवारवाद?

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड को “दशक” का राज्य बताया था। लेकिन विपक्ष का सवाल है — क्या विकास की राह में परिवारवाद और सत्ता के केंद्रिकरण बाधा तो नहीं बन रहे?

राजनीति में उलट-फेर आम है, लेकिन जनता अब परिणाम देखना चाहती है। भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और तेज विकास ही असली राजनीति है। बड़े प्रोजेक्ट्स पर अतिरिक्त निगरानी अच्छी हो सकती है, लेकिन इसे निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना जरूरी है।

Static 1 Static 1 Static 1 Static 1

Related posts

देहरादून में 11 अगस्त को रोजगार मेला, 559 पदों पर होगी भर्ती; 4 अगस्त से पंजीकरण शुरू

Outlook Samachar

रक्षाबंधन पर मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया संकल्प

Outlook Samachar

Breaking News: होमगार्ड विभाग में बड़ा खेल! पहले उपनल कर्मी को हटाया, फिर वापस लिया? मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश तो नहीं

Outlook Samachar

Leave a Comment