25.1 C
Dehradun, IN
June 22, 2026
https://outlooksamachar.com/
उत्तराखंडदेहरादून

उक्रांद ने कर्णप्रयाग हिंसा पर सख्त रुख अपनाया: निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय महामंत्री एवं तराई मंडल प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने सोमवार को राज्य केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कर्णप्रयाग एवं नगरासू में हुई घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की।

बिष्ट ने कहा कि कर्णप्रयाग में कुछ स्थानीय लोगों और सिख निहंगों के बीच शुरू हुई मामूली बोलचाल हिंसक रूप ले लेना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तराखंडवासी सदियों से अतिथि देवो भव की परंपरा को निभाते आए हैं और उक्रांद कभी भी किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता।

राज्य सरकार पर सवाल

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद जिस तरह की घटनाएं सामने आईं, वे धामी सरकार की कार्यशैली और नफरती मानसिकता को उजागर करती हैं। चारधाम यात्रा सीजन में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह असफल रही।

घटना की मुख्य बातें

• निहंगों द्वारा नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जा करने और सेवादारों को बंधक बनाने का आरोप लगा। गुरुद्वारे के प्रबंधक ने बदसलूकी की पुष्टि की, लेकिन उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

• उक्रांद ने मांग की कि निहंगों समेत सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।

• कुछ सिखों द्वारा सोशल मीडिया पर पहाड़वासियों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिसका उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच वैमनस्य फैलाना है। उक्रांद ने पंजाब सरकार से ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

सिख समुदाय के योगदान की सराहना

बिष्ट ने याद दिलाया कि उत्तराखंड राज्य 42 शहीदों के बलिदान के बाद अस्तित्व में आया। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला यहां के पहले राज्यपाल बने। अल्मोड़ा, पौड़ी, सल्ट और अन्य क्षेत्रों में सिख समुदाय सदियों से शांति से रह रहा है और स्थानीय संस्कृति से जुड़ा है। टिहरी के सरदार एडवोकेट बिट्टू सिंह, कर्णप्रयाग के स्वर्गीय संत सिंह (खालसा ढाबा) और उधम सिंह नगर के हरजाब सिंह जैसे व्यक्तियों ने राज्य आंदोलन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले किसी भी समुदाय या व्यक्ति को देश के लिए कैंसर मानना चाहिए।

उक्रांद की प्रमुख मांगें

1. निष्पक्ष जांच — पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो। स्थानीय लोगों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा की जाए, जबकि निहंगों द्वारा तलवारें लहराने की घटना को आत्मरक्षा न बताया जाए।

2. ध्वनि प्रदूषण पर रोक — धार्मिक यात्रा के दौरान दो पहिया वाहनों (बिना साइलेंसर) का चालान किया जाए।

3. सिख धार्मिक स्थलों पर अधिकार — हेमकुंड साहिब समेत सभी सिख धार्मिक स्थलों पर श्राइन बोर्ड लगाए जाएं और प्रबंधन का अधिकार राज्य के मूल सिख भाइयों (उधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, किच्छा आदि) को दिया जाए। उक्रांद ने घोषणा की कि अपनी सरकार बनने पर यह अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

4. रुद्रप्रयाग गुरुद्वारा निर्माण की जांच — राष्ट्रीय राजमार्ग के 20 मीटर दायरे में 13 मंजिला गुरुद्वारा निर्माण की अनदेखी पर जिलाधिकारी और प्रशासन की भूमिका की जांच हो।

5. एनजीटी और नदी किनारे निर्माण — नदी से मात्र 10 मीटर दूरी पर निर्माण पर रोक का उल्लंघन — एनजीटी की भूमिका की जांच हो।

6. गोविंदघाट अवैध निर्माण — सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की निष्पक्ष जांच हो, ताकि किसी भी समुदाय द्वारा धार्मिक आधार पर कब्जा न हो सके।

बिष्ट ने जोर दिया कि देवभूमि उत्तराखंड तीर्थ, पर्यटन और साहसिक गतिविधियों का केंद्र है तथा सीमा सुरक्षा की दृष्टि से भी संवेदनशील है। यहां किसी भी आराजक तत्व को वातावरण बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। क्षेत्रीय दल नैतिक जिम्मेदारी के साथ माकूल जवाब देगा।

प्रेस वार्ता में उपस्थित:

केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण, राजेश्वरी देवी, रमा चौहान, प्रकाश भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी।

Static 1 Static 1 Static 1

Related posts

मसूरी में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी, कमरे से मिले अहम सुराग

Outlook Samachar

ऋषिकेश में गंगा स्नान करते समय दिल्ली का दंपती बहा, तलाश जारी

Outlook Samachar

एमडीडीए की सख्ती : अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश नाकाम, विकासनगर तहसील अंतर्गत रेतीवाला क्षेत्र में दोबारा की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई

Outlook Samachar

Leave a Comment