मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। पहाड़ से लेकर मैदान तक तेज वर्षा का सिलसिला जारी है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण 70 से अधिक सड़कें बाधित हैं, जबकि निचले इलाकों में उफनती नदियों और बरसाती नालों से भू-कटाव तेज हो गया है।
यात्रियों को सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क दरकने से आवाजाही ठप हो गई है।
देहरादून-मसूरी राज्य राजमार्ग का करीब 10 मीटर हिस्सा पानीवाला बैंड के पास धंस गया है। सुरक्षा को देखते हुए शाम को राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।
यद्यपि, पिथौरागढ़ में भूस्खलन से अवरुद्ध तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर) मार्ग तीन दिन बाद दोपहर बाद खोल दिया गया है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून और बागेश्वर के लिए आरेंज और अन्य जिलों के लिए वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। छह अन्य पर्वतीय जिलों में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
चारधाम यात्रा राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बाधित हैं। चारधाम यात्रा को कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से रोकते हुए गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने जिलाधिकारियों को यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए हैं।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग खुलने से तीन दिन से फंसा मानसरोवर यात्रियों का चौथा दल धारचूला से गुंजी को रवाना हो गया है, जबकि यात्रा पूरी कर लौटा पहला दल बूंदी से धारचूला पहुंचा। पांचवा दल टनकपुर पहुंचा है।
