देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड कल 14 जून को भव्य रूप से आयोजित की जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर 451 जेंटलमेन कैडेट्स पास आउट होंगे, जिनमें मित्र देशों के 32 विदेशी कैडेट्स भी शामिल हैं। यह आयोजन न केवल भारतीय सैन्य परंपरा का प्रतीक होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संकेत देगा।
इस बार परेड में श्रीलंका के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल लसांथा रोड्रिगो बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इससे पहले दिसंबर 2024 में आयोजित परेड में नेपाल के सेना प्रमुख को आमंत्रित किया गया था। यह परंपरा भारत की मजबूत कूटनीतिक और रक्षा रणनीति का हिस्सा मानी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य और आर्थिक सक्रियता, और श्रीलंका में उसकी बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए, श्रीलंका के सेना प्रमुख की उपस्थिति एक रणनीतिक संदेश के रूप में भी देखी जा रही है।
आईएमए परिसर में परेड को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। कैडेट्स हर दिन चेटवुड ड्रिल स्क्वायर पर घंटों अभ्यास कर रहे हैं ताकि परेड में अनुशासन, सटीकता और गरिमा बनी रहे।
श्रीलंका के कई सैन्य अधिकारी पहले भी आईएमए से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने देश की सेनाओं में अहम भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में श्रीलंका के सेना प्रमुख की इस यात्रा को भारत-श्रीलंका रक्षा संबंधों को मजबूती देने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम माना जा रहा है।
















