देहरादून – जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश का दो घंटे तक औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, सर्जिकल वार्ड, आईसीयू, पैथोलॉजी लैब, टीकाकरण कक्ष, एक्स-रे यूनिट, टीबी वार्ड, ट्रॉमा सेंटर समेत सभी प्रमुख इकाइयों का गहन निरीक्षण किया और मरीजों से सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान टीकाकरण कक्ष के विस्तारीकरण, एसी और बच्चों के अनुकूल सुविधाएं जोड़े जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही एसएनसीयू संचालन के लिए स्टाफ भर्ती को स्वीकृति दी गई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरकारी चिकित्सालयों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा।
आईसीयू संचालन की समीक्षा में बताया गया कि माह में औसतन 50 मरीज इसका लाभ ले रहे हैं। डीएम ने आईसीयू की ऑक्सीजन आपूर्ति, मॉनिटरिंग सिस्टम की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
पिछली विजिट में स्वीकृत ₹40 लाख की ब्लड सेपरेटर मशीन इसी माह स्थापित की जा रही है। डीएम ने लैब टेक्नीशियन और एसएनसीयू स्टाफ पदों की त्वरित स्वीकृति भी दी।
चंदन लैब में अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने 15 दिन में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही अब लैब 24×7 संचालित रहेगी और भुगतान एसडीएम व एसीएमओ के सत्यापन के बाद ही होगा।
लिफ्ट व आरओ के खराब होने पर नाराज डीएम ने एक सप्ताह में मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही महिला, पुरुष, बुजुर्ग और सामान्य वर्ग के लिए अलग-अलग दवा वितरण काउंटर बनाने को कहा।
डीएम ने कहा कि ऋषिकेश, जो गढ़वाल का प्रवेशद्वार है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतरीन होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल को आधुनिक मॉडल चिकित्सालय के रूप में विकसित करने के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
















