देहरादून: उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य के 12 जनपदों (हरिद्वार को छोड़कर) में त्रिस्तरीय पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान निर्वाचन कार्यक्रम, तैयारियों और दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर आयोग के सचिव राहुल कुमार गोयल और संयुक्त सचिव कमलेश मेहता भी मौजूद रहे।
निर्वाचन आयुक्त के अनुसार पंचायत चुनाव दो चक्रों में संपन्न कराए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया 25 जून से 28 जून तक चलेगी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई के बीच होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई तय की गई है। पहले चक्र का मतदान 10 जुलाई को और दूसरे चक्र का मतदान 15 जुलाई 2025 को होगा। मतगणना 19 जुलाई को प्रातः 8 बजे से शुरू होगी।
प्रथम चक्र में राज्य के 45 विकास खंडों में मतदान होगा, जिनमें अल्मोड़ा, ऊधमसिंहनगर, चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, देहरादून, पौड़ी और रुद्रप्रयाग के विभिन्न खंड शामिल हैं। वहीं द्वितीय चक्र में शेष 44 विकास खंडों में मतदान कराया जाएगा।
चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य के नगरीय क्षेत्रों एवं जनपद हरिद्वार को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। आयोग ने आचार संहिता के सख्त अनुपालन के लिए 55 सामान्य प्रेक्षकों की तैनाती की है, जबकि 12 प्रेक्षक आरक्षित रखे गए हैं। प्रत्येक जिले में व्यय की निगरानी के लिए एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और ज़रूरत पड़ने पर जब्ती की कार्रवाई करेंगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस बार पंचायत चुनावों में कुल 66,418 पदों के लिए चुनाव होंगे, जिसमें ग्राम पंचायत सदस्य के 55,587, ग्राम प्रधान के 7,499, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2,974 और जिला पंचायत सदस्य के 358 पद शामिल हैं। इसके लिए 8,276 मतदान केंद्र और 10,529 मतदान स्थल बनाए गए हैं।
इस बार कुल 47,77,072 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 23,10,996 महिलाएं, 24,65,702 पुरुष और 374 अन्य मतदाता शामिल हैं। वर्ष 2019 की तुलना में इस बार मतदाताओं की संख्या में 10.57% की वृद्धि दर्ज की गई है।
चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 95,909 कार्मिकों की तैनाती की जाएगी, जिनमें 35,700 पुलिस बल से होंगे। चुनाव आयोग ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा की दृष्टि से भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रत्याशियों के लिए व्यय सीमा भी तय की गई है—ग्राम पंचायत सदस्य के लिए ₹10,000, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए ₹75,000, और जिला पंचायत सदस्य के लिए अधिकतम ₹2 लाख तक की सीमा निर्धारित की गई है।
आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए टोलफ्री नंबर 18001804280 भी जारी किया है और पंचायत निर्वाचन से जुड़ी जानकारी आयोग की वेबसाइट www.sec.uk.gov.in पर उपलब्ध है।
















