देहरादून-उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान लगातार हो रही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए बुधवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एक छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए पारदर्शी उड्डयन नीति, खटारा हेलीकॉप्टरों पर रोक और डीजीसीए व एटीसी नियमों के सख्त पालन की मांग की।
करण माहरा ने कहा कि बीते 38 दिनों में चारधाम यात्रा के दौरान पांच हेलीकॉप्टर हादसे हुए हैं, जिनमें 13 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हेलीकॉप्टर सेवाएं बिना तय मानकों और निगरानी के चलाई जा रही हैं। उड़ानों की संख्या, लैंडिंग, टेकऑफ और पायलट अनुभव जैसे मुद्दों पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं है।
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कुछ कंपनियां नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से उड़ानें संचालित कर रही हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने 15 जून को केदारनाथ में हुई दुर्घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि निर्धारित समय से पहले उड़ान भरने के कारण हादसा हुआ।
ज्ञापन में कांग्रेस ने पायलटों के पर्वतीय उड़ान अनुभव, हेलीकॉप्टर की तकनीकी फिटनेस, और उड़ान समय की अधिकतम सीमा तय करने की मांग भी रखी। साथ ही, हवाई यातायात के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ, वैली ऑफ फ्लावर्स और नेशनल पार्कों में ध्वनि प्रदूषण और वायु दबाव से वन्यजीव और ग्लेशियर प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने आग्रह किया कि जल्द से जल्द स्थायी और पारदर्शी उड्डयन नीति तैयार की जाए जो सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और यात्री हितों को प्राथमिकता दे।
















