उत्तराखंड की धामी सरकार ने पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल को बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य की ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया गया है, ताकि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों में कोई रुकावट न आए।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जब तक नई पंचायतों का गठन नहीं हो जाता, तब तक विकासखंड अधिकारियों और उपजिलाधिकारियों को संबंधित पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति अधिकतम छह माह तक या चुनाव सम्पन्न होने तक प्रभावी रहेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पंचायतों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से जारी रखने और आवश्यक जनसेवाओं में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
राज्य सरकार की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाएगी। प्रशासनिक कार्यों के संचालन में कोई बाधा न आए, इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
















